Charles And Amaira
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Charles And Amaira – 1

Charles And Amaira

 
 
 
में [अमायरा ] 5 साल की थी जब हमारे पास वाले घर में एक फैमिली रहने लगी। वो लोग कुछ अजीब से थे, ना ज्यादा किसी से मिलते थे, न बात करते थे और उस घर से एक लड़का भी था। उसका नाम था चार्ल्स। वो बहुत शांत सा रहता था, किसी के साथ खेलता भी नहीं था, हमेशा उदास रहता था जैसे वो किसी से डरता हो।
 
 
फिर 1 दिन मैं अपनी मम्मी के साथ खेल रही थी पार्क में जब हमारी नजर उस पर गई। वो अकेला बैठा हुआ था एक कोने में। मुझे उसे ऐसे देखकर अच्छा नहीं लगा। मैंने अपनी मम्मी से पूछा और उसके पास चली गई। मैं उसके पास जाकर बैठ गई और उसे बातें करने की कोशिश करने लगे। तुम इस तरह अकेले क्यों? तुम्हारी कोई दोस्त नहीं है?? तब उसने ना मैं इशारा किया, मैं उन्हें कहा आज से मैं तुम्हारी दोस्त हूँ, मेरा नाम है अमायरा और तुम्हारा? तब उसने बोला मेरा नाम है चार्ल्स। और फिर मैं उसे अपने साथ अपनी मम्मी के पास ले गई,हम दोनों खेलने लगे। उस दिन पहली बार मैंने उसके चेहरे पर हँसी देखी। वरना हमेशा वो बेचारा ऐसा दिखता था जैसे उसे किसी ने मारा हो।
 
उस दिन के बाद में और चार्ल्स एक दूसरे के दोस्त बन गए। हम हमेशा साथ खेलते थे लेकिन वो ना हमेशा मुझसे अपने पापा से छुप कर मिलता है मैंने उसे कई बार पूछा की वो ऐसा क्यों करता है और अपने पापा से क्यों डरता है? तो उसने मुझे बोला कि वह बहुत बुरे हैं और उसे मारते है। उसने कहा, अगर उन्होंने मुझे उसके साथ देख लिया तो शायद मुझे भी परेशान करेंगे।
 
मैंने उस दिन उसकी कही हुई बात अपने मम्मी पापा को बताई, तब उन्होंने मुझे बोला देखो बेटा चार्ल्स न बहुत डरा हुआ है। इसलिए तुम से छुपकर मिलता है, लेकिन तुम देखना धीरे धीरे सब ठीक हो जाएगा। उसके पापा को अपनी गलती का अहसास हो जाएगा और वो ठीक हो जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ हमने जितना सोचा था उसके पापा उससे कहीं ज्यादा खराब थे। एक दिन शाम को मैं चार्ल्स के घर में उसके साथ थी। उस वक्त उनके घर पर कोई नहीं था इसलिए हम दोनों कार्टून देख रहे थे। तभी वहा उसके पापा आ गए। उनकी हालत देखकर लग रहा था कि उन्हें बहुत ज्यादा शराब पी रखी थी। उन्हें देखकर चार्ल्स ने मुझे कहा अमायरा तुम भाग जाओ यहाँ से। मैंने बोला मैं तुम्हें छोड़कर नहीं जाऊंगी लेकिन चार्ल्स ने जबरदस्ती मुझे वहाँ से भेज दिया।
 
मुझे चार्ल्स के लिए बहुत डर लग रहा था ऐसा लग रहा था जैसे आज कुछ बुरा होने वाला है। वह अपने पापा के साथ अकेला था और उसे बचाने उसकी माँ भी घर पर नहीं थी इसलिए मैं भागते हुए अपने मम्मी पापा के पास गई। मुझे घबराते हुए देखकर उन्होंने मुझसे पूछा अमायरा बेटा, क्या बात है? आप इस तरह क्यों डर रहे हो? तब मैंने उन्हें बताया की चार्ल्स के पापा ने बहुत शराब पी है और वो गुस्से में हैं। मुझे चार्ल्स के लिए डर लग रहा है, वो उस वक्त उनके साथ अकेला था।
 
 
तब उन्होंने मुझे आराम से सोफे पर बिठाया और कहा इतना परेशानी मत हो, बच्चा कुछ नहीं होगा उसे। हम हैं ना कुछ नहीं होने देंगे। वैसे भी उसके पापा रोज़ शराब पीते है लेकिन उन्होंने कभी उसे कुछ नहीं किया तो वो आज भी कुछ नहीं करेंगे। अच्छा चलो अब रात हो गई है, खाना खा लो और फिर हम सब खाना खाकर सोने चले गए। लेकिन पता नहीं क्यों मुझे नींद नहीं आ रही थी तो मैं कार्टून देखने लगी। उस वक्त रात के 11:00 बज रहे थे जब मुझे पास वाले घर से शोर सुनाई दिया। मैं जैसे ही गैलरी में गईं तो मुझे किसी के ज़ोर से रोने की आवाज आई और कुछ टूटने की, मैं डर गई और भागकर अपने मम्मी पापा को जगाया और उन्हें अपने साथ ले गई। हम जैसे ही गैलरी पर पहुंचे आवाज और तेज हो गई। ऐसा लग रहा था जैसे कोई किसी को मार रहा है। पापा भागकर टेरेस से चार्ल्स के घर के अंदर चले गए और पीछे पीछे में और मम्मी भी। जब तक हम लोग हॉल में पहुंचे तो हमने देखा चार्ल्स को उसके पापा ने बहुत बुरा मारा था। पापा ने उन्हें रोकने की कोशिश की। मम्मी ने पुलिस को बुलाया। थोड़ी देर बाद वहाँ पुलिस आई और उन्हें पकड़ कर ले गए। चार्ल्स की हालत देखकर मैं रोने लगी। फिर हम लोग उसे हॉस्पिटल ले गए, डॉक्टरों ने उसका इलाज किया और हमें बताया उसके पैर में फ्रैक्चर हुआ है और वो सदमे में है। अगले दिन उसकी माँ वहाँ आई, लेकिन उन्होंने चार्ल्स की परवाह नहीं की और अपना सामान लेकर वहाँ से चली गई।
 
कुछ दिन बाद हमने देखा ओर्फनेज वाले आये और चार्ल्स को लेकर वहा से  चले गए क्योंकि उसकी माँ ने उसे छोड़ दी है और किसी अमिर आदमी से शादी करके वहाँ से चली गई। चार्ल्स के जाने के बाद मुझे अकेला अच्छा नहीं लगता था। वो मेरा सबसे अच्छा दोस्त था। मैं उसे मिस करती थी लेकिन कभी कभी उसे ओर्फनेज जाकर उससे मिल लेती थी। फिर एक साल बाद चार्ल्स को एक कपल ने अडॉप्ट कर लिया। वो लोग बहुत अच्छे थे। उसे बहुत प्यार करते थे। उन्होंने उसकी खुशी के लिए हमारे घर के पास घर ले लिया ताकि चार्ल्स को अच्छा लगे और फिर मैं और चार्ल्स फिर से बेस्ट फ्रेंड बन गए।
 
धीरे धीरे मैं और चार्ल्स एक दूसरे के करीब होने लगे। हर वक्त एक दूसरे के साथ बिताते थे, साथ खेलते थे साथ स्कूल जाते थे, ऐसा लगता था जैसे दोनों एक ही घर में रहते थे।  जब हम इलेवेंथ क्लास में थे, तब मेरे पेरेंट्स ने मेरा एडमिशन दूसरे स्कूल में करवा दिया। उसके बाद में और चार्ल्स  अब एक दूसरे के साथ कम वक्त होंते थे। मैं अपने नए स्कूल और फ्रेंड्स में इतना बिजी  हो गई कि मैं मेरे पास उसके लिए कोई वक्त ही नहीं था। मेरी वजह से चार्ल्स अपने आपको अकेला महसूस करने लगा। उसका मेरे अलावा कोई खास दोस्त नहीं था। मुझे इस बात का एहसास ही नहीं हुआ की कोई चीज़ थी जो उसे परेशान कर रही थी। फिर एक दिन संडे को जब मेरी स्कूल की छुट्टी थी तब मैंने सोचा कि आज मैं सारा दिन चार्ल्स के साथ मस्ती करूँगा, टाइम स्पेंड करूँगी। यही सोचकर मैं उसके घर चले गई। लेकिन जब मैं उसके घर गई तो आंटी ने मुझे रोक लिया और बताया कि उन्हें चार्ल्स की काफी चिंता हो रही है। जब मैंने उनसे पूछा कि आप इतनी परेशानी क्यों हो रहा है?? तो उन्होंने बताया कि 2 दिन पहले अपने क्लास्मेट्स  के साथ मूवी देखने गया था और जब से वो वापस आया है, काफी अपसेट है। न किसी से बात कर रहा है और न ही ठीक से खाना खाता है। बस चुपचाप अपने कमरे में बैठ है। तब मैनें अंटी से कहा आप टेंशन मत लो हो सकता है एग्जाम स्टार्ट होने वाली इसलिए वो इतना परेशान होगा। अगर कोई और बात है तो मैं हूँ न मैं उससे पूछूंगी।  फिर मैं चार्ल्स के कमरे की तरफ जाने लगी। मैंन जैसे ही उसके कमरे में गयी तो मैंने देखा की वो रो रखा है। मैं उसके पास गई और उससे पूछा कि चार्ल्स  क्या बात है?तुम रो क्यों रहे हो? तो उसने मुझे चिल्ला दिया की अब क्यों आईतुम यहाँ?? जाओ अपने दूसरे दोस्तों के साथ रहो । 
 

 

मैंने उससे पूछा, चार्ल्स तुम ऐसी बातें क्यों कर रहे हो? तुम मेरे बेस्ट फ्रेंडो ?? तब चार्ल्स बोला, अगर ऐसी बात है तो कहाँ थी तुम इतने दिनों से?? एक बार भी मिलने नहीं आईं, जब से तुम्हारा नए दोस्त बने है तुम्हारे पास मेरे लिए वक्त ही नहीं है। मुझे भूल गयी हो तुम अमायरा। मैंने उसे बोला ऐसी बात नहीं है चार्ल्स!! एक दम से स्कूल बदलने से मुझे दिक्कत हो रही है समझने में। इसलिए मैं ज्यादा पढ़ाई करने लगी हूँ घर रहकर, इसलिए तुमसे मिलने नहीं आई। रही बात फ्रेंड्स की तो तुम जानते हो मेरी जिंदगी में तुम्हारी  क्या कीमत है? कोई भी तुम्हारी जगह कभी नहीं ले सकता। अगर मुझे इस बात का थोड़ा सा भी अहसास होता कि तुम इतने दिन से ये समझ रहे हो तो मैं कभी ऐसा नहीं करती। प्लीज मुझे माफ़ कर दो। आइंदा में ये गलती नहीं करूँगी, चाहे जो भी हो जाए हमेशा तुम्हारे लिए वक्त निकालूंगी। अब प्लीज़ रोना बंद करो, देखो आंटी भी तुम्हें इस तरह देखकर परेशान है। और उसके आंसू पोंछ कर बोलती है  फिर  मैंने उसे फ्रेंड्ली हग़ दिया। अब चलो इतने दिन बाद आयी हु मेरे साथ वक्त नहीं बिताओगे?? उसके बाद मैं और चार्ल्स हम दोनों ने खूब मस्ती की। देखते देखते शाम हो गई चार्ल्स के सात वक्त कैसे बीत गया पता ही नहीं चला। जब मैं रात को घर आयी तो मैंने उसकी बातों पर ध्यान दिया। में ऐसा कैसे कर सकती हु? यह जानते हुए भी मेरे लावा चार्ल्स का कोई खास दोस्त नहीं है मैंने उसे अकेला छोड़ दिया?? नहीं, यह गलती अब मैं दोबारा नहीं करूँगी।
कुछ दिन के बाद की ठीक वैसा ही हुआ। में हमेशा वक्त निकाल कर चार्ल्स से मिलने जाती थी। उसके  साथ खेलती थी और मस्ती भी करती थी। जब मेरे पास टाइम नहीं होता था तो चार्ल्स  मेरे पास आ जाता था मुझसे मिलने। ऐसा करते करते मैं कब चार्ल्स को चाहने लग, मुझे नहीं पता चला। जब वह मेरे साथ नहीं होता था तो सोचती थी चार्ल्स क्या कर रहाहोगा, कैसा होगा? उसे कोई दिक्कत तो नहीं? एक दिन मैंने सोचा कि मैं चार्ल्स को अपने दिल की बात बता दूगी। यही सोचकर मैं इंतजार करने लगी। आज वो मुझसे मिलने आने वाला था पर वह नहीं आया। पता नहीं क्या वजह थी उसका ना आने की ? काफी अपसेट हो गई थी में। लेकिन फिर मैंने सोचा हो सकता है कोई वजह होगी मैं कल उसे बता दूंगी और मैं गार्डन से चली गई।
अगले दिन भी मैंने उसका इंतजार किया पर वो नहीं आया। पूरा एक हफ्ता हो गया मुझे उसे मिले हुए। नहीं वो उन्हें।ना ही वो मिलने आ रहा था ना  वो मेरा  फ़ोन उठा रहा था। मुझे उसकी चिंता हो रही थी इसलिए में उससे मिलने उसके घर चली गई पर वो घर पर नहीं था। जब मैंने आंटी से पूछा तो उन्होंने बताया कि वो तो सुबह से ही कही चला गया है। उन्होंने बताया कि काफी खुश था, वो कह रहा था कोई पर्सनल काम है इसलिए जा रहा हु शाम को लेट आऊंगा। आंटी की बात सुनकर मैं अपडेट हो गयी। सोचने लगी थी ऐसा कौन सा पर्सनल काम है चार्ल्स को जो उसने किसी को नहीं बताया? कहीं वो भी तो किसी को प्यार नहीं करने लगा? बस यही सोचकर मेरी आँखों मे आंसू आ गए। उस दिन मैंने डिसाइड किया कि अगर सच में चार्ल्स किसी को चाहता है तो मैं उनके बीच में नहीं आऊंगी, इन्फेक्ट में उसको कभी  बताऊंगी ही नहीं की मैं भी उससे प्यार करती हूँ, फिर मैं अपने घर आ गई।
उस दिन के बाद मेंने अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगा दिया। क्योंकि मैंने सोच लिया था शायद चार्ल्स मुझे प्यार नहीं करता??  इसीलिए अपने आप को पढ़ाई में बीज़ी रखने लगी थी में। वैसे भी यह लास्ट ईयर था हमारे कॉलेज का तो सीरियस तो होना ही था पढ़ाई में। कभी कभी चार्ल्स आता था मुझसे मिलने के लिए, पर वो जब भी आता था मैं उसमें खो जाती थी। उसके साथ बिताया हर पल  इतना खुशी का था की बस यही सोचती थी कि काश भगवान हमारा साथ हमेशा के लिये बना दे।
कुछ हफ्तों बाद मेरी नींद अलार्म की वजह से खुली। जैसे ही मैंने अलार्म बंद किया, मुझे एकदम से याद आया कि आज तो चार्ल्स  का बर्थडे है और मैंने उसे विश भी नहीं किया। मैं जल्दी से रेडी हुई और चार्ल्स के घर उसे विश करने चली गई। उसके घर में इंटर करते ही मेरी नजर चार्ल्स पर गई वो ब्रेकफास्ट कर रहा था, मैं उसके पास जाकर बैठ गई। मुझे देखते ही चार्ल्स ने मुझे कहा तो मैडम को याद आ गई हमारी। हमें तो लगा था तुम आज भी अपने किताबों में बिज़ी रहोगी। तब मैंने उसे कहा, चार्ल्स आई एम सॉरी मैं फिर से भूल गई और उसे हैप्पी बर्थडे बोलकर उसे गले लगा लिया। उसने मुझे कहा,  मुझे बुरा नहीं लगा। मुझे पता है कि तुम्हें किसी का बर्थडे याद नहीं रहता है इसलिए नो इश्यू और फिर वो मुझे मेरी पढ़ाई के बारे में पूछने लगा। थोड़ी देर बाद चार्ल्स ने एकदम से मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपने साथ ले जाने लगा। जब मैंने उनसे पूछ कि हम कहाँ जा रहे हैं? तो उसने कहा कि गार्डन में। काफी दिन हो गए हैं, साथ कहीं गाय हुए । आज मैं तुम्हारे साथ अकेले में कुछ टाइम स्पेंड करना चाहता हूँ पहले की तरह। फिर हम गार्डन में चले गए। वहाँ हमने खूब मस्ती की। उसे पूरा दिन उसके साथ वक्त कैसे बीत गया पता ही नहीं चला। शाम को हो गई और हम दोनों उसके घर चले गए।
घर में उसकी मॉम ने छोटा सा सेलिब्रेशन रखा था बर्थडे का जिसमें सिर्फ उसकी फैमिली ही थी। मैंने उसकी फैमिली के साथ काफी मस्ती की, फिर रात हो गयी मैंने आंटी से कहा मुझे घर जाना चाहिए। तब चार्ल्स ने मुझे रोककर कहा मैं चलता हूँ तुम्हें घर तक ड्रॉप करने के लिए रात में अकेले नहीं जाने दुगा। और हम दोनों चुपचाप मेरे घर के लिए निकल गए। कुछ देर ऐसे ही शांत रहने के बाद चार्ल्स ने मुझे कहा कि उसे मुझे कुछ बताना है। मैंने जब उससे पूछा क्या? तो उसने कहा कि मैं अभी नहीं बता सकता। क्या तुम कल मुझे मिलने आ सकती हो?? तो मैंने कहा ठीक है और वो खुश हो गया। ओक्के ठीक है कल पार्क में शाम को 5:00 बजे मैं तुम्हारा इंतज़ार करूँगा। मैंने बोला ठीक है। फिर वो बोलता है, लो तुम्हारा स्वीट होंम  आ गया और मैं उसको बॉय बोलकर अंदर जाने लगी, पर उसने मुझे हाथ पकड़कर रोक दिया और कहा थैंक्यू  मेरा आज का दिन इतना अच्छा बनाने के लिए बेस्ट फ्रेंड! आज इतने दिनों बाद तुम्हारे साथ टाइम बिताकर अच्छा लगा। और फिर उसने सडनली मेरे फोरहेड पर किस कर दिया बाय बोलकर चला गया। मैं बस कुछ देर वहाँ शॉकेड होकर खड़ी रही और फिर इस्माइल करके आज का दिन सच में बहुत अच्छा था  और अंदर चली गई।

 

 
To Be Continued…..

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