Yaarana
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Yaarana – 1

Yaarana – 1

 
 
अनिकेत और उसके दोस्त कार से कॉलेज में इंटर करते हैं और अपनी कार पार्क करके क्लास की तरफ जा रहे होते हैं। तभी उसकी नजर कैंटीन में जाती है जहां पर कुछ लोग एक लड़की को परेशान कर रहे होते हैं। वह जैसे ही उनके पास पहुंचता है तो देखा है वह लड़की कोई और नहीं रूही होती है जो कॉलेज में पढ़ने के साथ-साथ कैंटीन में पार्ट टाइम काम करती है ताकि अपनी फीस भर सके। वह जैसे ही नोटिस करता है तो उसे बुरा लगता है रूही, ऋतिक और उसके गैंग से पैसे मांग रही होती है ब्रेकफास्ट के, पर वह लोग उसे पैसे देने से मना कर देते हैं। उसे डरा कर चाय लाने के लिए बोलते हैं। वह भाग कर डर के मारे लेने चली जाती है। 5 मिनट बाद जब उन लोगों के लिए चाय लाती है तो वह लोग एक घुट पिकर सारी चाय जमीन पर फेंक देते हैं और रूही पर हंसने लगते हैं।
 
 
रूही उनके आगे हाथ जोड़ती है और कहती है देखिए आप प्लीज यह सब मत कीजिए, मुझे पैसे दे दीजिए वरना मुझे प्रॉब्लम हो जाएगी। वो रोने लगती है। उसकी बात सुनकर प्रिया और वहां मौजूद सभी लोगों को बुरा लगता है। प्रिया उसकी मदद करने के लिए आगे बढ़ती है पर उसकी सहेली उसे रोकती हैं और कहती है देखो प्रिया तुम इन सब में मत पड़ो। लेकिन प्रिया नहीं सुनती और रूही के पास जाकर उसके कंधे पर हाथ रखकर उसे रहती है रूही तुम इन लोगों के सामने हाथ क्यों जोड़ रही हो ?? यह लोग कोई एहसान नहीं कर रहे तुम पर। वोकहती है देखो ऋतिक चुपचाप उसे उसके पैसे दे दो। तब ऋतिक उसे बोलता है अगर नहीं दिए तो क्या करोगी??  शिकायत करोगी मेरी प्रिंसी से?? तो जाओ करो, यह कॉलेज भी मेरा है और यहां की हर चीज भी मैं जो चाहे कर सकता हूं समझी तुम और उसकी तरफ गुस्से में बढ़ने लगता है लेकिन इतने में अनिकेत बीच में आ जाता है और ना में इशारा करता है। वो गले लगा कर उसका पर्स निकलता है जब से और उसमें से पैसे निकाल कर रूही को देता है और कहता है तुम जा जाओ यहां से अपना काम करो अब ओके। वो ऋतिक को उसका पर्स वापस देता है। इतना गुस्सा लेकर कहां जाएगा तू ?? थोड़ा ठंडा कर ले अपने दिमाग को और वहां से जाने लगता है। ऋतिक गुस्से में अनिकेत के फ्रेंड को मारने लगता है। अनिकेत के सभी फ्रेंड्स को गुस्सा आता है और वह लोग उसे मारने के लिए आगे बढ़ते हैं पर अनिकेत उन्हें रोक देता है। वह ऋतिक को इनोसेंट स्माइल देता है और उसकी कॉलर ठीक करके वहां से चला जाता है। अनिकेत जाते हुएबस प्रिया को देखता रहता है और प्रिया उसे।
 
 
अगले दिन पूरे कॉलेज के स्टूडेंट टेंशन में होते हैं सारे रिजल्ट के लिए नोटिस बोर्ड पर लिस्ट चेक कर रहे होते हैं। इतने में वहां अनिकेत भी अपने दोस्तों के साथ आता है। ठीक उसी वक्त दूसरी तरफ से ऋतिक और उसके दोस्त भी वहां पहुंचते हैं। स्टूडेंट उन्हें देखकर टेंशन में आ जाते हैं कि फिर से कोई इशू ना हो जाए। प्रिया और रुही भी वहां साइड में घबराहट में खड़े होते हैं। अनिकेत उन दोनों को देखकर स्माइल देता है और अपने दोस्तों के साथ रिजल्ट देखने लगता है। उनमें से उसका एक फ्रेंड [नीरव ] लिस्ट चेक कर रहा होता है। वह जैसे ही देखा है उसके मार्क्स कम आए हैं तो वह उदास हो जाता है और अनिकेत को बताता है। तब अनिकेत उसे समझाता है कोई बात नहीं नीरव नेक्स्ट टाइम और मेहनत करना सब ठीक हो जाएगा ओके। वह लोग वहां से जाने लगते हैं पर ऋतिक के दोस्त अनिकेत को कंधे से धक्का मारते हैं ताकि वह उसे इरिटेट कर सके। लेकिन अनिकेत उसे स्माइल देकर वहां से बिना लड़े चला जाता है। प्रिया के चेहरे पर यह देखकर स्माइल आ जाती है। वह सोचती है अनिकेत कितना स्वीट है जो ऋतिक और उसके दोस्तों की इतनी बदतमीजी सहने पर भी चुप है।
 
 
शाम को प्रिया उसकी सहेली और रुही साथ में जा रहे होते हैं। वो देखते है ऋतिक और उसके दोस्त बीच रास्ते में गाड़ी रोक कर मस्ती कर रहे होते हैं। उनकी नजर जैसे ही रूही और प्रिया पर जाती है वह उन्हें रोककर परेशान करने लगते हैं। कुछ मिनट बाद नीरव और उसका दोस्त वहां से जा रहे होते हैं। वह प्रिया और रूही को परेशान होता देख भाग कर उनके पास जाते हैं और ऋतिक को रोकने की कोशिश करते हैं। लेकिन ऋतिक और उसके दोस्त नीरव को बुरी तरह मारने लगते हैं। उसकी हालत खराब कर देते हैं। प्रिया और रुही यह देखकर डर जाती है। इतने में उनमें से एक लड़का भागते हुए कॉलेज कैंपस में जाकर अनिकेत को ढूंढने लगता है और जैसे ही उसे अनिकेत मिलता है वह उसे नीरव की हालत बताता है। अनिकेत और उसके दोस्त को गुस्सा आता है। वह भाग कर वहां पहुंचते हैं और ऋतिक और उसके दोस्त को मारने लगते हैं। अनिकेत गुस्से में ऋतिक की कॉलर पकड़ कर उसे सुनता है बचपन का दोस्त था तू मेरा इसलिए तेरी हर बदतमीजी सही मेने चुपचाप। कभी कुछ नहीं कहा तुझे, लेकिन तू इतना बदल जाएगा मैंने सोचा नहीं था। देख क्या हाल कर दिया तूने नीरव का। सुकून मिल गया तुझे उसे हर्ट करके?? कभी सोचा है अगर मालिनी मां को तेरी इस हरकत के बारे में पता चला तो क्या बीतेगी उन पर?? कितना दुख होगा उन्हें यह जानकर कि उनका बेटा अपनी नफरत में इतना गिर गया कि अपने ही दोस्त की हालत मौत से बेहतर करदी। वो गुस्से में उसकी  कॉलर को छोड़कर बोलता है संभल जा मेरा यार इससे पहले की तू सब कुछ को दे। फिर वह प्रिया और रुही दोनों का हाथ पकड़ कर वहां से चला जाता है अपने दोस्तों के साथ।
 
 
अनिकेत अपने दोस्त, प्रिया, रूही के साथ कॉलेज के बैकसाइड पहुंचता है। उसके चेहरे से साफ दिख रहा था कि वह काफी दुखी है, कितना उदास है वह ऋतिक की हरकत से लेकिन फिर भी कुछ नहीं कह रहा होता है। उसके दोस्त नीरव को सीडीओ पर बिठाते हैं। प्रिया, रूही को उसकी हालत देखकर रोना आ जाता है और वह उसे बोलते है हमें माफ कर दो नीरव हमें बचाने के में तुम्हारा यह हाल हो गया। रूही उसके पास जाती है और अपने दुपट्टे से उसके माथे के खून को साफ करते हुए बोलती है बहुत दर्द हो रहा होगा ना आपको भाई?? यह सब मेरी वजह से हुआ है। मुझे यहां वापस नहीं आना चाहिए था। ऋतिक मेरी वजह से ही इतना गुस्सा कर रहा है। आई एम सॉरी। नीरव उसे बोलना है पागल है क्या?? तू क्यों अपने आप को दोष दे रही है छोटी ?? यह जो भी है इसमें तू अपने आप को ब्लेम करना बंद करदे। तेरी कोई गलती नहीं है। वह ऋतिक तो पागल हो गया है जो बिना वजह तुम पर गुस्सा करता रहता है। रूही उसे बोलता है नहीं भाई वह बिना वजह नाराज नहीं है। मेने ही कारण दिया है उन्हें। काश उस दिन जो भी हुआ मैं उसे बदल सकती। काश उस दिन दिव्या की जगह में होती। उसकी बात सुनकर अनिकेत को गुस्सा आ जाता है और वह जोर से चिल्लाता है रूही!! और उसका हाथ उठ जाता है रूही पर। लेकिन रूही को डरता हुआ देखा वह रुक जाता है। नीरव उसे बोलना है भाई क्या कर रहा है बच्ची है। तब अनिकेत उसे बोलता है तो क्या करू ?? क्यों कर रही है ऐसी बात। फिर वह रूही के कंधों पर हाथ रखकर बोलता है आज बोल दिया है लेकिन मेनेअगर दोबारा तेरे मुंह से ऐसी बात सुनी तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा समझी। रूही उसे गले लगाती है और रोने लगती है।
 
 
अनिकेत प्यार से समझता है देख रोना बंद कर तेरा भाई है ना सब ठीक कर देगा। तू परेशान मत हो अब मैं ऋतिक को तेरे साथ और बुरा नहीं करने दूंगा। भरोसा है ना मुझ पर??  प्रिया उन सबको कंफ्यूज होकर देखती रहती है। थोड़ी देर बाद पूछती है मुझे समझ नहीं आ रहा यह तुम सब क्या बातें कर रहे हो?? यह ऋतिक तुम सबके साथ इतना बुरा करता है फिर भी तुम उसे बर्दाश्त कर रहे हो?? कुछ करते क्यों नहीं तुम??  तब नीरव उसे बोलता है प्रिया तुम जितना सोचती हो ना उतना बुरा नहीं है हमारा ऋतिक। प्रिया पूछती है तुम्हारा ऋतिक ?? क्या तुम लोग पहले से जानते हो उसे ?? अगर वह बुरा नहीं है तो यह सब क्यों कर रहा है तुम लोगों के साथ??  और रुही तुम इन सब के लिए अपने आप को क्यों दोष दे रही हो??  तब नीरव बोलता है ऋतिक हमारा बचपन का दोस्त है। जितना गुस्सा वह आज करता है ना बचपन में उतना ही शांत था वह। हम सब में सबसे अच्छा था वह। जितनी नफरत आज दिखा रहा है ना, वह सब एक दिखावा है। असलियत में तो नाराज है वह। और रुही तो उसकी जिंदगी है। जितना प्यार वह रूही से करता है ना उतना वह शायद अपनी मां से भी नहीं करता। हम सब में जान बसती है उसकी। मुझे आज भी याद है वह कैसे हमारे लिए बड़ों की डांट सुनता था।
 
 
To Be Continued……..

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