Yaarana
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Yaarana – 2

Yaarana – 2

 
 
रुही तो उसकी जिंदगी है। जितना प्यार वह रूही से करता है ना उतना वह शायद अपनी मां से भी नहीं करता। हम सब में जान बसती है उसकी। मुझे आज भी याद है वह कैसे हमारे लिए बड़ों की डांट सुनता था।
 
 

FLASHBACK

 
नीरव, रूही और अनिकेत तीनों गार्डन में खेल रहे होते हैं। तभी वह कुछ बड़े बच्चे आते है उन्हें परेशान करते हैं। वह कहते हैं देखो बच्चों जाओ जाकर अपने घर जाकर खेलो यहां हम लोग फुटबॉल खेलेंगे। यहां तुम लोगों के लिए जगह नहीं है। तब अनिकेत उन्हें बोलना है देखिए भैया यहां हम लोग पहले आए हैं तो हम ही खेलेंगे आप जाकर कहीं और खेलो। तबउनमें से एक लड़का उसे धक्का देकर गिरा देता है और फिर वह सब आपस में लड़ने लगते हैं। इन सब में बेचारी रूही को चोट लग जाती है। वह रोने लगती है इतने में वहां ऋतिक आ जाता है और रूही को रोता हुआ देख भाग कर उनके पास आता है। वो बोलता है कितनी बार कहा है तुम लोगों को बिना वजह मत लड़ा करो सबसे। देखो कितनी चोट लग गई है रूही को। और बोलता है चलो घर अब। तब नीरव बोलता है मैं नहीं जाऊंगा डांट पड़ेगी। तब ऋतिक बोलता है यह सब करने से पहले तो नहीं सोचा तुमने। अब क्यों डर रहे हो?? चलो घर चुपचाप। फिर वह सब घर जाते हैं। उन सब का घर एक ही था उनके पापा फ्रेंड्स थे तो सब साथ में रहते थे। वह जैसे ही अंदर जाते हैं सामने ऋतिक के पापा न्यूजपेपर पढ़ रहे होते हैं। वह उन सब में सबसे गुस्से वाले थे। उन्हें देखकर नीरव भाग कर अनिकेत के पीछे छुप जाता है और रूही चुपचाप डर के मारे ऋतिक के हाथ को जोर से पकड़ लेती है। जब आलोक को आसपास हलचल होने की आहट होती है तो वह न्यूज़ पेपर हटाकर सामने देखा है।  उनकी हालत देखकर उसे बहुत गुस्सा आ जाता है। वह चिल्लाता है यह सब क्या हो रहा है?? क्या हाल बना रखा है तुम लोगों ने अपना?? फिर से लड़ कर आए हो क्या तुम लोग?? और रुही बच्चा क्या हो गया तुम्हें?? देखा कितना चोट लग गई है तुम्हें। इधर आओ मेरे पास वह उसे सोफे पर बिठाकर उसकी चोट पर फूंक मारता है और चिल्लाता है मालिनी मालिनी!! इधर आओ जरा फर्स्ट दे दो। देखो रूही को कितनी चोट आई है। मालिनी भाग कर आती है और रूही की चोट साफ करने लगती है।
 
 
आलोक गुस्से में ऋतिक के पास पहुंचता है और उससे पूछता है यह सब कैसे हुआ?? इस बार किस लड़कर आए हो??? तब अनिकेत बोलता है बड़े पापा हमने कुछ नहीं किया। वह तो हम…. लेकिन ऋतिक उसे रोक कर बोलता है वह पापा मुझे ना साइकिल चलाने का मन कर रहा था। रूही पीछे बैठने की जीद कर रही थी तो मैंने उसे बिठा लियाऋतिक  लेकिन फिर मेरा बैलेंस बिगड़ गया और मेने उसे गिरा दिया। आलोक चिल्लाता है गिरा दिया इतनी लापरवाही कैसे कर सकते हो तुम?? अगर उसे कुछ हो जाता तो। यू नो व्हाट आज से अगले एक हफ्ते तक तुम इस घर से बाहर नहीं निकलोगे। अब जाओ चुपचाप अपने कमरे में जाओ और ऋतिक चुपचाप वहां से चला जाता है नीरव और बाकी सब को बुरा लगता है।
 

FLASHBACK END

 
 
नीरव बोलता है कितना डर गए था उस दिन तुम्हारी चोट देखकर। एक आंसू नहीं देख सकता था वह हमारी रूही की आंखों में?? उसकी बात सुनकर प्रिया पूछता है फिर ऐसा क्या हुआ जो वह इतना बदल गया है?? क्यों नाराज है वह तुम सबसे इतना?? और ऐसा क्यों बिहेव कर रहा है वह तुम्हारे साथ रूही?? अगर वह प्यार करता है तुमसे तो दिखता क्यों नहीं?? तब रूही बोलती है उसे दिन सब बदल गया। काश मेने उस दिन वहां जाने की जिद्द नहीं करी होती।
 
 

FLASHBACK

रूही का बर्थडे था। वह घर में सबसे छोटी थी इसलिए सब उसे बहुत प्यार करते थे। उस वक्त दिव्या भी वहां आई हुई थी हॉस्टल से। क्योंकि रूही ने जिद्द की थी जब तक दिव्या दी नहीं आएगी वह अपना बर्थडे नहीं बनाएगी। तो बस उसकी जिद्द पूरी करने के लिए दिव्या आ गई। उन सब ने रूही के लिए मेले में जाने का फैसला लिया। वह लोग मेले में काफी मस्ती कर रहे थे। तभी रूही और सारे बच्चे झूला झूलने की जिद्द करने लगे रूही ने जिद्द कीबड़े वाले नाम वाले झूले में झूला झूलने की। सब ने रोकने की कोशिश की लेकिन वह दिव्या को अपने साथ खींच कर ले गई और झूले में सबसे ऊपर जाकर बैठ गई। इससे पहले बाकी सब अंदर जाते झूला चलने लगा। थोड़ी देर बाद रूही को झूले में डर लगने लगा वह जोर-जोर से रोने लगी मुझे नीचे उतरो और उठकर चलते झूले में कूदने लगी रोने लगी। दिव्या ने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी। एकदम से रूही का पैर फिसलने लगा। दिव्या उसे बचाने लगी और रूही को बचाने में खुद फिसल गई झूले से गिर गई। इधर सब बहुत चौंक गए यह देखकर। ऋतिक भाग कर अपनी दी  के पास जाता है उसे आवाज लगता है। पर वह होश में नहीं आती। बाकी सब भाग कर उसके पास पहुंचते हैं। फिर अनिकेत के पापा एकदम से दिव्या को उठाकर वहां से भागकर कार में जाता है और उनके पीछे-पीछे बाकी सब भी कार में बैठ जाते हैं वह लोग अस्पताल जाते हैं।
 
 
डॉक्टर जैसे ही दिव्या को देखते हैं वह उसे आईसीयू में ले जाते हैं। रूही बस रोते हुए आलोक को गले लगा लेती है। बड़े पापा दी ठीक तो हो जाएगी ना?? ऋतिक को उस पर गुस्सा आता है। वह उसे अपने पापा से दूर कर देता है। यह सब तुम्हारी गलती है। क्या जरूरत थी जिद्द करने की?? वह उसे मारने वाला होता है लेकिन उसके पापा रोकते हैं नहीं बच्चा ऐसा नहीं बोलते। रूही ने ये सब जानबूझकर नहीं किया। इतने में आईसीयू से डॉक्टर बाहर आते हैं और बोलते हैं आई एम सॉरी हमने उन्हें बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं बच पाई। उनकी बात सुनकर ऋतिक की मां बेहोश हो जाती है आलोक अपनी बीवी और बेटी की हालत बेबस होकर देखता रहता है कुछ नहीं कर पाता। ऋतिक अपनी बहन का सुनकर बोलता है नहीं यह नहीं हो कुछ नहीं हुआ है मेरी दी को समझे आप लोग। और यह क्या चेहरा बना रखा है सब ने?? बिल्कुल ठीक है मेरी दी, देखना अभी उठेगी और मुझे बोलेगी ऋतिक कितने बोरिंग हो तुम, थोड़ी मस्ती भी कर लिया करो। उसकी बात सुनकर सभी को रोना आ जाता है। अनिकेत उसके पास जाकर उसे गले लगा लेता है। लेकिन ऋतिक उसे दूर करके कुछ नहीं हुआ है दी को, कुछ नहीं हुआ है और यह बोलते हुए अस्पताल से भाग जाता है। अनिकेत उसके पीछे जाने लगता है लेकिन उसके पापा उसे रोक लेते हैं नहीं बेटा उसे कुछ वक्त अकेला छोड़ दो। तुम जानते हो ना वह कितना क्लोज था दिव्या के इसलिए अपने आप को संभाल नहीं पा रहा है, कुछ वक्त अकेला रहेगा तो उसे होश आ जाएगा।
 
 
अगले दिन उनके घर में मातम का माहौल था। रूही बस दिव्या की लाश के पास बैठकर उसे एक टक देख रही होती है। यह सोच रही होती है कि उसकी दिव्या दी अभी उठेगी और उसे प्यार से गले लगा कर बोलेगी रोते नहीं रूही सब ठीक हो जाएगा लेकिन वह नहीं उठी। थोड़ी देर बाद रूही अपने हाथ आगे बढ़कर दिव्या को छूने वाली होती है लेकिन ऋतिक उसे रोक देता है और उसे उठाकर गुस्से में दिव्या से दूर कर देता है। यह सब तुम्हारी वजह से हुआ है। आज मेरी दी अगर हमारे साथ नहीं है तो सिर्फ तुम्हारी वजह से ।वह गुस्से में उसे धक्का मारने लगता है। नीरव, अनिकेत, आलोक, सभी लोग उसे रोकने की कोशिश करते हैं लेकिन वह नहीं मानता। नहीं आज सिर्फ इसकी वजह से मैंने मेरी दी को खो दिया। छोडूंगा नहीं मैं तुम्हें रूही, खूनी हो तुम इसलिए तुम्हारा मां पापा भी तुम्हें छोड़कर चले गए। अब मैं तुम्हें यहां और नहीं रहने दूंगा। चले जाओ यहां से अगर अब मेने तुम्हें यहां दोबारा देखा तो मैं जान ले लूंगा तुम्हारी समझी तुम।
 
 
To Be Continued……..
 

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