Yaarana
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Yaarana – 3

Yaarana – 3

 
 
छोडूंगा नहीं मैं तुम्हें रूही, खूनी हो तुम इसलिए तुम्हारा मां पापा भी तुम्हें छोड़कर चले गए। अब मैं तुम्हें यहां और नहीं रहने दूंगा। चले जाओ यहां से अगर अब मेने तुम्हें यहां दोबारा देखा तो मैं जान ले लूंगा तुम्हारी समझी तुम।
 
 
FLASHBACK END
 
 
उस दिन के बाद में वहां से चली गई थी हॉस्टल सबसे दूर और कभी वापस भी नहीं आती अगर मुझे अनिकेत भाई ने फोर्स नहीं किया होता। अनिकेत उसके पास जाकर उसे प्यार से बोलता है तो और क्या करता में?? उस वक्त तो हम सब छोटे थे इसलिए तुम्हें रोक नहीं पाए, लेकिन अब मैं अपनी छोटी को इस तरह अकेले थोड़ी रहने देता। फिर उदास होकर बोलता है वैसे भी दिव्या के साथ जो भी हुआ वह एक हादसा है। उसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है इसलिए अब अपने आप को दोष देना बंद करो। पीछे से नीरव बोलता है अरे अब तुम लोगों का हो गया हो तो कोई मुझे यहां से ले जाएगा?? बहुत दर्द हो रहा है यार। कुत्ते की तरह मारा है उसे कमीने ने, देखना एक बार सब ठीक हो जाएगा तो क्या हाल करता हूं मैं उस ऋतिक का। कोई अपने यार को इस तरह मारता है क्या?? उसकी बात सुनकर सब हंसने लगते हैं और वहां से चले जाते हैं।
 
 
कुछ दिन बाद रूही अपने लिए सब्जी खरीद रही होती है तभी उसकी नजर पास में खड़े एक आदमी पर जाती है। उन्हें देखकर वह इमोशनल हो जाती है। वह और कोई नहीं आलोक होता है ऋतिक का पापा, जो अपने किसी फ्रेंड के साथ वहां से गुजर रहे गुजर रहे होते हैं। उन्हें देखकर रूही की आंखों में आंसू आ जाते हैं बड़े पापा, और वह उनके पास जाने लगती है लेकिन फिर उसे ऋतिक की कही हुई बात याद आ जाती है। वह अपने आप को रोक लेती है। नहीं मैं यह क्या करने वाली थी?? अगर बड़े पापा ने मुझे यहां देख लिया तो पता नहीं क्या होगा?? मुझे यहां से जाना होगा। मेरी वजह से पहले ही वो दिव्या दी को खो चुका है। अब मैं उन्हें और दर्द नहीं दूंगी और वहां से मुड़कर भाग कर चली जाती है। वह अपने घर जाकर जल्दी से दरवाजा बंद करके जोर-जोर से रोने लगती है। आई एम सॉरी बड़े पापा मैंने कभी नहीं चाहा था आप सबके साथ यह सब हो। फिर बोलती है आप क्यों चली गई दी  हम सबको छोड़कर?? कितना कुछ बदल गया है इतने सालों में। जब माँ पापा मुझे छोड़कर गए थे तो दुख नहीं हुआ था क्योंकि आप सब थे मेरे पास। लेकिन देखो ना आपके जाने के बाद मेरा अब कोई नहीं है। बिल्कुल अकेली हो गई हूं मैं इस दुनिया में। ऐसा लगता है सही मायने में आज अनाथ हुई हूं मैं।
 
 
आलोक जब अपने दोस्त से बात कर रहा होता है उसे ऐसा एहसास होता है जिसे कोई अपना है उसके आसपास। वह सोचता है इतने सालों बाद यह एहसास हो रहा है जैसी की कोई बहुत खास है यहां पर। और आसपास देखने लगता है। वह जैसे ही पीछे मुड़ता है उसकी नजर एक लड़की पर जाती है जो बहुत जल्दबाजी में वहां से भाग कर जा रही होती है। इसे देखकर ऐसा क्यों लग रहा है जैसे यह मेरी रूही है?? लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है?? वह तो अभी हॉस्टल में से वापस आई ही नहीं है। इतने साल बीत गए हैं उसे यहां से गए हुए। अगर वह सच में रुही है हुई तो?? लेकिन वह ऐसा क्यों कर रही है?? अगर वह वापस आ गई है तो मुझे पता क्यों नहीं चलता?? वैसे भी वह घर ही तो आएगी। नहीं यह रूही नहीं हो सकती और वापस मुड़ने लगता है। लेकिन पता नहीं क्यों उसका मन कहता है कि वह लड़की रूही ही है। फिर वह सोचता है मुझे पता करना होगा इस बारे में। मुझे यकीन है नीरव, अनिकेत को कुछ तो पता होगा रूही का। और वहां से चला जाता है।
 
 
कुछ दिन आराम से बीत जाते हैं। इतने दिनों में ऋतिक भी ना रूही को और ना ही किसी और को परेशान करता है। अनिकेत, प्रिया और नीरव कैंटीन में बैठे होते हैं। तभी नीरव मजाक में बोलता है कितना सन्नाटा है ना कॉलेज में आजकल। अनिकेत मुझे लगता है तूने जो प्रवचन दिया था ना उस दिन लगता है उससे दिमाग ठीक हो गया ऋतिक का। प्रिया बोलती है वजह जो भी हो मुझे तो बस इस बात की खुशी है कि कम से कम अब वो रूही को परेशान तो नहीं कर रहा। इतने में रूही वहां आती है और पूछती है मैं कुछ लाऊं आपके लिए अनिकेत भाई ?? लेकिन अनिकेत उसे बोलना है नहीं हमें कुछ नहीं चाहिए, तू आ बैठ हमारे साथ। पर वह मना कर देती है नहीं भाई मुझे बहुत सारा काम है और चुपचाप वहां से चली जाती है। नीरव उसे जाते हुए देखता रहता है। कितनी बदल गई है ना छोटी। पहले उसके चेहरे से मुस्कान नहीं हटती थी और अब उसकी  हंसी देखने को लिए तरस गया हूं। ऐसा लग रहा है जीना भूल गई है वह। हमें कुछ करना होगा अनिकेत भाई, नहीं तो हम अपनी छोटी को हमेशा के लिए खो देंगे। अनिकेत उसे बोलता है मुझे पता है लेकिन हम करे भी  तो क्या?? एक वह ऋतिक है जो किसी से बात तक नहीं करता और छोटी उसने तो जैसे हमसे रिश्ता ही तोड़ दिया। इतने सालों बाद वापस आई है लेकिन घर तक नहीं आना चाहती, ना ही  हमसे किसी तरह की मदद ले रही है। प्रिया बोलती है मुझे तो लग रहा है हमें ना ऋतिक को रूही को करीब लाने की कोशिश करना चाहिए। क्यों ना हम ऋतिक को जलाने की कोशिश करें?? अगर वह सच में रूही को चाहता है तो इतना तो पक्का है वह रूही को किसी और के साथ नहीं देख पाएगा। अनिकेत बोलता है नहीं हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे। कहीं ऐसा ना हो जाए हम उन दोनों को बीच और दूरियां ले आए। हमें समझदारी से कम करना होगा। अच्छा अब चलो क्लास के लिए लेट हो रहा है और रूही को आवाज लगता है। फिर वह सब क्लास चले जाते हैं।
 
 
कुछ वक्त बीत गया कॉलेज के स्टूडेंट काफी खुश थे क्योंकि इतने दिनों से ऋतिक और अनिकेत के दोस्तो  में कुछ झगड़ा नहीं हुआ। जिसकी वजह से कॉलेज का माहौल बहुत अच्छा था। सभी लोग आपस में मस्ती कर रहे थे कैंटीन में बैठकर। रूही भी आज उन सब के साथ इंजॉय कर रही थी। तभी वहां ऋतिक और उसके दोस्त आ जाते हैं। उन्हें देखकर रूही एकदम से शांत हो जाती है। प्रिया यह नोटिस कर लेती है क्या हुआ रूही ?? तुम एकदम से उदास क्यों हो गई?? और फिर जोर से ऋतिक को सुनाने के लिए बोलता है तुम्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है। तुम भी इस कॉलेज की स्टूडेंट हो, हमारे साथ इंजॉय कर सकती हो। यह बात सुनकर ऋतिक उनके पास आता है। हां हां रूही मैडम आप चुप क्यों हो गई ?? सुना नहीं तुम्हारी प्यारी प्रिया ने क्या कहा और वैसे भी कुछ दिन की खुशी है तुम्हारी जिंदगी में मन को। क्या पता उसके बाद तुम्हारी लाइफ में कोई तूफान आ जाए और वैसे भी यह जो खुशियां है ना तुम्हें रास नहीं आती। क्या पता फिर तुम किसी की दुनिया में मातम ले आओ? तब अनिकेत उसे बोलना है देखो ऋतिक बहुत हो गया, अब चुप कर जा नहीं तो सही नहीं होगा। ऋतिक उसे बोलना है लो आ गया चमचा। मुझे तो समझ नहीं आ रहा तु क्यों हमेशा टपक जाता है उसे बचाने?? क्या रिश्ता है तुम लोगों का?? क्या लगती है वह तुम्हारी?? अनिकेत को गुस्सा आ जाता है और वह ऋतिक को मारता है। और रुही तो ऋतिक के मुंह से यह बात सुनकर चौंक जाती है। लेकिन वह ऋतिक और अनिकेत को लड़ता हुआ देखती हैं तो उनके बीच आ जाती है। बस करो आप लोग, हर वक्त यह सब करते हुए थकते नहीं हो क्या?? और ऋतिक तुम आज तक चुप हु क्योंकि गलती थी मेरी। अनजाने में सही लेकिन उस दिन जो हुआ मेरी वजह से हुआ, इसलिए तुम्हारी हर बदतमीजी को बिना कुछ कहे बर्दाश्त कर रही हूं। लेकिन अगर तुमने मेरे और अनिकेत भाई के बारे में इस तरह दोबारा बोला तो भूल जाऊंगी कि कभी तुम मेरी लाइफ में क्या मायने रखते थे। अरे शर्म आनी चाहिए तुम्हें अनिकेत भाई के बारे में ऐसी बात करते हुए। जानते हो ना तुम कौन है वह?? क्या अहमियत है उनकी हम सब की जिंदगी में?? अरे और किसी का नहीं तो अपनी बहन का सोच कर चुप हो जाते। जानते हो ना क्या जगह थी उनकी दिव्य दी की जिंदगी में??
 
 
To Be Continued….

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